तमाशा एक हिन्दी भाषा में बनी भारतीय बॉलीवुड फिल्म है। इस फिल्म को इम्तियाज़ अली ने निर्देशित किया है और इस फिल्म के निर्माता इम्तियाज़ अली और साजिद नाडियाडवाला हैं। इस फिल्म में मुख्य किरदार में दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर हैं।[1][2] इसे फ़्रांस के कोरसिका में फिल्माना शुरू किया गया था।[3][4] यह फिल्म 27 नवम्बर 2015 को सिनेमा घरों में प्रदर्शित होगी।[5]
"तमाशा, बताने की एक कोशिश है की आप जो कहानियाँ सुनते हैं और आस पास से जो सुनते हैं, जो आप के द्वारा बनाई गई है या आपके द्वारा चुनी गई है। जो कभी कभी आपसे जुड़ी हुई होती है। कभी जब आप भूल जाते हैं की आप कौन है और कोई आपको याद दिलाता है। यह कोई आसान काम नहीं है कि पूरी जिंदगी भर के किए अनुभव को हटा कर अपने आंतरिक शक्ति से जुड़ना।"
—इम्तियाज़ अली अपने फिल्म के दौरान, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को साक्षात्कार देते हुए।
2011 में बनी रॉकस्टार के बाद अली 2013 में इस परियोजना में लग गए। वह रणबीर कपूर और ए आर रहमान को पुनः अपनी परियोजना में मिलाया।[9] सितम्बर 2013 में दीपिका पादुकोण को मुख्य किरदार के लिए चुना।[10] इस परियोजना का नाम उस समय केवल विंडो सीट था।[11] बाद में बदलकर उसे तमाशा रख दिया गया।[12] इसमें रणबीर और दीपिका साथ काम कर रहे हैं और शेक्सपियर ने जो पूरी दुनिया को एक नाटक का मंच कहा था उससे ही इस फिल्म को तमाशा नाम दिया।[13] अगस्त 2014 में पद्मा भूषण से सम्मानित तीजन बाई ने इस फिल्म में एक पंडवानी भी की।[14]
किरदार[संपादित करें]
रणबीर कपूर का किरदार एक ऐसा व्यक्ति है जो लोगों को कहानियों से मुग्ध करता है। रणबीर इसमें एक उत्साही व्यक्ति की भूमिका में है, जो अपने आसपास के लोगों को भी खुश करता है और अपने ही रास्ते से उन लोगों को खुश करने की कोशिश करता है।[13] रणबीर का किरदार तीन अलग अलग उम्र में है, पहला 9 वर्ष का एक बालक और दूसरा 19 व तीसरा 30 वर्ष का एक लड़का।[8]
मुम्बई मिरर को दिए अपने एक इंटरव्यू में दीपिका ने कहा की इस फ़िल्म में उनका किरदार फ्रेंच कॉमिक्स के एक पात्र अस्ट्रिक्स का बहुत दीवाना है।[13] ये फ़िल्म एक एडवेंचर पर आधारित है जिसमें दीपक का किरदार रणबीर से मिलता है।[13] ये दोनों आपस में मिलते हैं और द्वीपों की खोज करते हैं व एक मण्डली तैयार कर नाटक दिखाते हैं और ऐसे ही एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं। [13] इस फ़िल्म में दीपिका किरदार का नाम तारा है जो चाय के बागानों की मालिक है। उसके पापा इन सभी बागानों को उसे सौंप देते हैं ताकि वह इस कंपनी को आगे ले जा सके।[7]
फिल्मांकन[संपादित करें]
फ़िल्म की प्रिंसिपल फोटोग्राफी कोर्सिका, फ्रांस में 9 जुलाई 2014 को शुरू हुई और 30 जुलाई 2014 को खत्म हो गयी।[15] अगस्त 2014 मोहित चौहान के दिल का बयाँ गाने की अनेक फ़ोटो लीक हुईं।[16] 1 दिसंबर 2014 को शिमला में इस फ़िल्म की शूटिंग हुई।[6] इसमें एक फ़्लैश बैक सीन के लिए बाल कलाकारों ने काम किया।[17][18] इसके कुछ सीन दिल्ली ,कोलकाता, गुड़गाँव में भी शूट किये गए। इसका अंतिम शूट 8 अप्रैल 2015 को टोकियो में शूट किया गया।[6][7][19][20][21][22][23][24][25][26][27][28]